Correct Answer:
Option A - ‘‘सिद्ध्यसिद्धयो: समो भूत्वा ‘समत्वम्’ योग उच्यते’’ अर्थात् सिद्धि और असिद्धि में समान (स्थिर) रहना ही योग कहलाता है। इसका वर्णन श्रीमद्भगवद्गीता में है। अत: स्पष्ट है कि रिक्त स्थान पर ‘समत्वम् पद आएगा।
A. ‘‘सिद्ध्यसिद्धयो: समो भूत्वा ‘समत्वम्’ योग उच्यते’’ अर्थात् सिद्धि और असिद्धि में समान (स्थिर) रहना ही योग कहलाता है। इसका वर्णन श्रीमद्भगवद्गीता में है। अत: स्पष्ट है कि रिक्त स्थान पर ‘समत्वम् पद आएगा।