Correct Answer:
Option B - कृष्ण भक्ति शाखा के अष्टछाप के कवि नन्ददास की प्रमुख काव्य कृतियाँ – सुदामा चरित, रूपमंजरी, अनेकार्थमंजरी, रसमंजरी, विरहमंजरी, मानसमंजरी, रुक्मिणी मंगल, भंवरगीत, सिद्धान्त पंचाध्यायी, रास पंचाध्यायी, गोवर्धन लीला आदि हैं।
B. कृष्ण भक्ति शाखा के अष्टछाप के कवि नन्ददास की प्रमुख काव्य कृतियाँ – सुदामा चरित, रूपमंजरी, अनेकार्थमंजरी, रसमंजरी, विरहमंजरी, मानसमंजरी, रुक्मिणी मंगल, भंवरगीत, सिद्धान्त पंचाध्यायी, रास पंचाध्यायी, गोवर्धन लीला आदि हैं।