Correct Answer:
Option A - • कमल सरोवर का दृश्य सित्तनवासल गुफा के छत पर आलेखित है।
• सित्तनवासल गुफा के बरामदे की छत में एक कमलवन का आलेखन है, इसी भित्ति चित्र में एक सरोवर का दृश्य है जिनमें कमल पुष्प खिले हैं।
• सित्तनवासल गुफा के चित्र– मीन, मकर, कच्छप जल-क्रीड़ा में लीन दर्शायें हैं, पास ही हाथी भैंसें और पक्षियों के समुदाय भी है। तीन दिव्य पुरुष आकृतियों को फूल तोड़ते दर्शाया है।
• खम्भों के ऊपरी भाग में दो अप्सराओं के लोक-विश्रुत चित्र है। (नृत्यरत अप्सरा)
• सित्तनवासल गुफा में अर्द्धनारीश्वर का उत्कृष्ट चित्र अंकित है, जिसमें भगवान शिव अद्र्धनारीश्वर के रूप में, करुणा और शांत रस में डूबे प्रदर्शित है। एक राजा का चित्र, एक गन्धर्व का चित्र है। जिसके हाथ में कमल है।
• सित्तनवासल गुफा चित्रों में - पौने दो चश्म चेहरों का अंकन पल्लवकालीन युग की देन है। चित्रों के विषय जैन व जैनेत्तर है, वर्ण विधान उत्तम श्रेणी का है।
A. • कमल सरोवर का दृश्य सित्तनवासल गुफा के छत पर आलेखित है।
• सित्तनवासल गुफा के बरामदे की छत में एक कमलवन का आलेखन है, इसी भित्ति चित्र में एक सरोवर का दृश्य है जिनमें कमल पुष्प खिले हैं।
• सित्तनवासल गुफा के चित्र– मीन, मकर, कच्छप जल-क्रीड़ा में लीन दर्शायें हैं, पास ही हाथी भैंसें और पक्षियों के समुदाय भी है। तीन दिव्य पुरुष आकृतियों को फूल तोड़ते दर्शाया है।
• खम्भों के ऊपरी भाग में दो अप्सराओं के लोक-विश्रुत चित्र है। (नृत्यरत अप्सरा)
• सित्तनवासल गुफा में अर्द्धनारीश्वर का उत्कृष्ट चित्र अंकित है, जिसमें भगवान शिव अद्र्धनारीश्वर के रूप में, करुणा और शांत रस में डूबे प्रदर्शित है। एक राजा का चित्र, एक गन्धर्व का चित्र है। जिसके हाथ में कमल है।
• सित्तनवासल गुफा चित्रों में - पौने दो चश्म चेहरों का अंकन पल्लवकालीन युग की देन है। चित्रों के विषय जैन व जैनेत्तर है, वर्ण विधान उत्तम श्रेणी का है।