search
Q: 'इकोनॉमी ऑफ पर्मानेंस' (Economy of Permanence) के लेखक कौन हैं?
  • A. पी.सी. महालनोबिस
  • B. के.एन. राज
  • C. जे.सी. कुमारप्पा
  • D. के.कामराज
Correct Answer: Option C - जे.सी. कुमारप्पा भारत के एक अर्थशास्त्री थे। उनका मूल नाम जोसेफ चेल्लादुरई कॉर्नेलिअस था। कुमारप्पा महात्मा गाँधी के निकट सहयोगी थे तथा ग्राम विकास सम्बन्धी आर्थिक सिद्धान्तों के अग्रदूत थे। जे.सी. कुमारप्पा को भारत में गाँधीवादी अर्थशास्त्र का प्रथम गुरू माना जाता है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ तथा ‘प्रैक्टिस एण्ड परसेप्ट्स ऑफ जीसस’ कुमारप्पा की सवश्रेष्ठ कृति है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ में कुमारप्पा ने पर्यावरण सरंक्षण के साथ मानव के आर्थिक विकास की परिकल्पना का प्रतिपादन किया है।
C. जे.सी. कुमारप्पा भारत के एक अर्थशास्त्री थे। उनका मूल नाम जोसेफ चेल्लादुरई कॉर्नेलिअस था। कुमारप्पा महात्मा गाँधी के निकट सहयोगी थे तथा ग्राम विकास सम्बन्धी आर्थिक सिद्धान्तों के अग्रदूत थे। जे.सी. कुमारप्पा को भारत में गाँधीवादी अर्थशास्त्र का प्रथम गुरू माना जाता है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ तथा ‘प्रैक्टिस एण्ड परसेप्ट्स ऑफ जीसस’ कुमारप्पा की सवश्रेष्ठ कृति है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ में कुमारप्पा ने पर्यावरण सरंक्षण के साथ मानव के आर्थिक विकास की परिकल्पना का प्रतिपादन किया है।

Explanations:

जे.सी. कुमारप्पा भारत के एक अर्थशास्त्री थे। उनका मूल नाम जोसेफ चेल्लादुरई कॉर्नेलिअस था। कुमारप्पा महात्मा गाँधी के निकट सहयोगी थे तथा ग्राम विकास सम्बन्धी आर्थिक सिद्धान्तों के अग्रदूत थे। जे.सी. कुमारप्पा को भारत में गाँधीवादी अर्थशास्त्र का प्रथम गुरू माना जाता है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ तथा ‘प्रैक्टिस एण्ड परसेप्ट्स ऑफ जीसस’ कुमारप्पा की सवश्रेष्ठ कृति है। ‘इकोनामी ऑफ पर्मानेंस’ में कुमारप्पा ने पर्यावरण सरंक्षण के साथ मानव के आर्थिक विकास की परिकल्पना का प्रतिपादन किया है।