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Q: `स्त्रीणामाद्यं प्रणयवचनं विभ्रमो हि प्रियेषु'' यह सूक्ति किस ग्रन्थ में आयी है?
  • A. अभिज्ञानशाकुन्तलम
  • B. किरातार्जुनीयम्
  • C. नीतिशतकम्
  • D. मेघदूतम्
Correct Answer: Option D - `स्त्रीणामाद्यं प्रणयवचनं विभ्रमो हि प्रियेषु'' यह सूक्ति मेघदूतम् ग्रन्थ में आयी है। इस सूक्ति का तात्पर्य है स्त्रियों का अपने प्रिय के सामने किया गया विलास प्रदर्शन ही प्रणय की पहली प्रार्थना है।
D. `स्त्रीणामाद्यं प्रणयवचनं विभ्रमो हि प्रियेषु'' यह सूक्ति मेघदूतम् ग्रन्थ में आयी है। इस सूक्ति का तात्पर्य है स्त्रियों का अपने प्रिय के सामने किया गया विलास प्रदर्शन ही प्रणय की पहली प्रार्थना है।

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`स्त्रीणामाद्यं प्रणयवचनं विभ्रमो हि प्रियेषु'' यह सूक्ति मेघदूतम् ग्रन्थ में आयी है। इस सूक्ति का तात्पर्य है स्त्रियों का अपने प्रिय के सामने किया गया विलास प्रदर्शन ही प्रणय की पहली प्रार्थना है।