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Q: स्टोमेटा धँसे होते है:
  • A. जलोद्भिद में
  • B. मध्योद्भिद में
  • C. शुष्कोद्भिद में
  • D. लवणोद्भिद में
Correct Answer: Option C - स्टोमेटा शुष्कोद्भिद (Xerophytes) में धंसे होते है। ⇒ स्टोमेटा (Stomata) विशेष प्रकार की epidermal cell है, जो पत्ती की सतह के हर भाग में पाया जाता है। परन्तु terrestrial पौधों में यह मुख्य रूप से पत्ती के निचले भाग में उपस्थित होता है। शुष्कोद्भिद ऐसे पौधे हैं जो सूखे या रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीवित रह सकते हैं, यानी कम पानी के साथ। धँसा रंध्र कम पानी की हानि सुनिश्चित करते हैं, इस प्रकार ये वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करते हैं।
C. स्टोमेटा शुष्कोद्भिद (Xerophytes) में धंसे होते है। ⇒ स्टोमेटा (Stomata) विशेष प्रकार की epidermal cell है, जो पत्ती की सतह के हर भाग में पाया जाता है। परन्तु terrestrial पौधों में यह मुख्य रूप से पत्ती के निचले भाग में उपस्थित होता है। शुष्कोद्भिद ऐसे पौधे हैं जो सूखे या रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीवित रह सकते हैं, यानी कम पानी के साथ। धँसा रंध्र कम पानी की हानि सुनिश्चित करते हैं, इस प्रकार ये वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करते हैं।

Explanations:

स्टोमेटा शुष्कोद्भिद (Xerophytes) में धंसे होते है। ⇒ स्टोमेटा (Stomata) विशेष प्रकार की epidermal cell है, जो पत्ती की सतह के हर भाग में पाया जाता है। परन्तु terrestrial पौधों में यह मुख्य रूप से पत्ती के निचले भाग में उपस्थित होता है। शुष्कोद्भिद ऐसे पौधे हैं जो सूखे या रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीवित रह सकते हैं, यानी कम पानी के साथ। धँसा रंध्र कम पानी की हानि सुनिश्चित करते हैं, इस प्रकार ये वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करते हैं।