search
Q: संत-काव्य परम्परा का कौन-सा कवि अपनी विद्वत्ता (सर्वाधिक शिक्षित होने) के कारण प्रसिद्ध है?
  • A. धर्मदास
  • B. रविदास
  • C. सुन्दरदास
  • D. रज्जब
Correct Answer: Option C - ‘सुन्दरदास’ संत-काव्य परंपरा के सर्वाधिक काव्यकला निपुण, शास्त्रज्ञ एवं सुशिक्षित संत थे। इनका जन्म जयपुर के द्यौसा नामक स्थान पर 1596 ई. में और मृत्यु 1689 ई. में हुयी। इनके पिता का नाम परमानंद खाण्डेलवाल था। सुंदरदास के गुरु ‘दादूदयाल’ थे। ‘ज्ञान समुद्र’ और ‘सुंदर विलास’ इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।
C. ‘सुन्दरदास’ संत-काव्य परंपरा के सर्वाधिक काव्यकला निपुण, शास्त्रज्ञ एवं सुशिक्षित संत थे। इनका जन्म जयपुर के द्यौसा नामक स्थान पर 1596 ई. में और मृत्यु 1689 ई. में हुयी। इनके पिता का नाम परमानंद खाण्डेलवाल था। सुंदरदास के गुरु ‘दादूदयाल’ थे। ‘ज्ञान समुद्र’ और ‘सुंदर विलास’ इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।

Explanations:

‘सुन्दरदास’ संत-काव्य परंपरा के सर्वाधिक काव्यकला निपुण, शास्त्रज्ञ एवं सुशिक्षित संत थे। इनका जन्म जयपुर के द्यौसा नामक स्थान पर 1596 ई. में और मृत्यु 1689 ई. में हुयी। इनके पिता का नाम परमानंद खाण्डेलवाल था। सुंदरदास के गुरु ‘दादूदयाल’ थे। ‘ज्ञान समुद्र’ और ‘सुंदर विलास’ इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।