Correct Answer:
Option D - `संशय की एक रात' तथा `समय देवता' नरेश मेहता द्वारा रचित काव्यकृतियाँ हैं। `संशय की एक रात' में समुद्र में पुल बंध जाने के पश्चात् राम के मन के संशय को चित्रित किया गया है। `संसद से सड़क तक', `कल सुनना मुझे', सुदामा पाण्डे का `प्रजातंत्र' धूमिल की काव्यकृतियाँ हैं। श्रीकान्त वर्मा का काव्य संग्रह `मगध' है। `चाँद का मुँह टेढ़ा है' मुक्तिबोध का प्रथम काव्य संकलन है।
D. `संशय की एक रात' तथा `समय देवता' नरेश मेहता द्वारा रचित काव्यकृतियाँ हैं। `संशय की एक रात' में समुद्र में पुल बंध जाने के पश्चात् राम के मन के संशय को चित्रित किया गया है। `संसद से सड़क तक', `कल सुनना मुझे', सुदामा पाण्डे का `प्रजातंत्र' धूमिल की काव्यकृतियाँ हैं। श्रीकान्त वर्मा का काव्य संग्रह `मगध' है। `चाँद का मुँह टेढ़ा है' मुक्तिबोध का प्रथम काव्य संकलन है।