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Q: संस्कृत शिक्षण की व्याकरण पद्धति के दोष में शामिल नहीं है।
  • A. यह विधि नीरस होती है
  • B. यह विधि मनोविज्ञान के सिद्धान्त के अनुकूल है
  • C. इस विधि में भाषा के अन्य पक्ष उपेक्षित रहते हैं
  • D. यह संस्कृत के प्रयोग का व्यावहारिक ज्ञान नहीं देती
Correct Answer: Option A - संस्कृत शिक्षण की व्याकरण पद्धति के दोष के अन्तर्गत दिये गये विकल्पों में विकल्प (a) यह कि यह विधि नीरस होती है, शामिल नहीं है। जबकि अन्य तीनों विकल्प इसके दोषों में सम्मिलित है।
A. संस्कृत शिक्षण की व्याकरण पद्धति के दोष के अन्तर्गत दिये गये विकल्पों में विकल्प (a) यह कि यह विधि नीरस होती है, शामिल नहीं है। जबकि अन्य तीनों विकल्प इसके दोषों में सम्मिलित है।

Explanations:

संस्कृत शिक्षण की व्याकरण पद्धति के दोष के अन्तर्गत दिये गये विकल्पों में विकल्प (a) यह कि यह विधि नीरस होती है, शामिल नहीं है। जबकि अन्य तीनों विकल्प इसके दोषों में सम्मिलित है।