Correct Answer:
Option A - विशाखापट्नम आन्ध्र प्रदेश में एक भू-आबद्ध पत्तन है। जिसे ठोस चट्टान एवं बालू को काटकर एक नहर के द्वारा समुद्र से जोड़ा गया है। इस बाह्य पत्तन का विकास लौह-अयस्क, पेट्रोलियम तथा सामान्य नौभार के निपटान हेतु विकसित किया गया है। पारादीप पत्तन महानदी डेल्टा पर स्थित है। जिसका पोताश्रय सबसे गहरा है, जो भारी पोतों के निपटान के लिए सर्वाधिक अनुकूल है। इसे मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर लौह-अयस्क के निर्यात हेतु विकसित किया गया है जबकि तूतीकोरिन पत्तन का विकास चेन्नई पत्तन के दबाव को कम करने हेतु किया गया था जो विभिन्न प्रकार के नौभार का निपटान करता है जिसके अन्तर्गत कोयला, नमक, खाद्यान्न, खाद्य तेल, चीनी, रसायन तथा पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं।
A. विशाखापट्नम आन्ध्र प्रदेश में एक भू-आबद्ध पत्तन है। जिसे ठोस चट्टान एवं बालू को काटकर एक नहर के द्वारा समुद्र से जोड़ा गया है। इस बाह्य पत्तन का विकास लौह-अयस्क, पेट्रोलियम तथा सामान्य नौभार के निपटान हेतु विकसित किया गया है। पारादीप पत्तन महानदी डेल्टा पर स्थित है। जिसका पोताश्रय सबसे गहरा है, जो भारी पोतों के निपटान के लिए सर्वाधिक अनुकूल है। इसे मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर लौह-अयस्क के निर्यात हेतु विकसित किया गया है जबकि तूतीकोरिन पत्तन का विकास चेन्नई पत्तन के दबाव को कम करने हेतु किया गया था जो विभिन्न प्रकार के नौभार का निपटान करता है जिसके अन्तर्गत कोयला, नमक, खाद्यान्न, खाद्य तेल, चीनी, रसायन तथा पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं।