Correct Answer:
Option D - सूरदास जी के पदों से भयानक रस नहीं पाया जाता है। इनके पदों में शृंगार, वात्सल्य व शांत रस की प्रधानता प्राप्त होती है।
D. सूरदास जी के पदों से भयानक रस नहीं पाया जाता है। इनके पदों में शृंगार, वात्सल्य व शांत रस की प्रधानता प्राप्त होती है।