Correct Answer:
Option B - भागीरथ माँझी के नेतृत्व में सफा-हर आन्दोलन सन्थाल जनजाति से सम्बन्धित था। सन्थाल जाति के आदिवासियों को ही पहले खरवार कहा जाता था। अंग्रेजों ने इनकी सारी जमीनों पर कब्जा कर लिया था। 1833 में भगीरथ माँझी नामक आदिवासी नेता ने अपने समुदाय के लोगों को विश्वास दिलाया कि वे अंग्रेजों से लड़कर उन्हें उनकी जमीनों पर फिर से कब्जा दिलवा सकते हैं लेकिन उन्होेंने इसके लिए एक शर्त रखी कि आदिवासियों को हिन्दुओं के इष्ट देव भगवान राम की पूजा करनी पड़ेगी। सभी लोगों ने आदिवासी बाबा जी नाम से प्रसिद्ध भगीरथ माँझी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया।
B. भागीरथ माँझी के नेतृत्व में सफा-हर आन्दोलन सन्थाल जनजाति से सम्बन्धित था। सन्थाल जाति के आदिवासियों को ही पहले खरवार कहा जाता था। अंग्रेजों ने इनकी सारी जमीनों पर कब्जा कर लिया था। 1833 में भगीरथ माँझी नामक आदिवासी नेता ने अपने समुदाय के लोगों को विश्वास दिलाया कि वे अंग्रेजों से लड़कर उन्हें उनकी जमीनों पर फिर से कब्जा दिलवा सकते हैं लेकिन उन्होेंने इसके लिए एक शर्त रखी कि आदिवासियों को हिन्दुओं के इष्ट देव भगवान राम की पूजा करनी पड़ेगी। सभी लोगों ने आदिवासी बाबा जी नाम से प्रसिद्ध भगीरथ माँझी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया।