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Q: सीपी इल्बर्ट (CP llbert) निम्नलिखित में से किसके अधीन परिषद के विधि सदस्य थे?
  • A. लॉर्ड लिटन
  • B. लार्ड रिपन
  • C. लॉर्ड कार्नवालिस
  • D. लॉर्ड कर्जन
Correct Answer: Option B - वायसराय लार्ड रिपन की काउसिल के विधि सदस्य साीपी इल्बर्ट ने 1833 मे एक विधेयक पेश किया, जिसे ‘इल्बर्ट बिल’ कहा जाता है। इस विधेयक में भारतीय न्यायाधीशो को यूरोपीय मुकदमों को सुनने का अधिकार दिया गया। भारत में रहने वाले अंगे्रजो ने इस बिल का विरोध किया कि न्यायालय का कोई भी भारतीय सदस्य यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई करने के लिए उपयुक्त नही है। अत्यधिक विरोध के चलते वायसराय ने इसे वापस ले लिया।
B. वायसराय लार्ड रिपन की काउसिल के विधि सदस्य साीपी इल्बर्ट ने 1833 मे एक विधेयक पेश किया, जिसे ‘इल्बर्ट बिल’ कहा जाता है। इस विधेयक में भारतीय न्यायाधीशो को यूरोपीय मुकदमों को सुनने का अधिकार दिया गया। भारत में रहने वाले अंगे्रजो ने इस बिल का विरोध किया कि न्यायालय का कोई भी भारतीय सदस्य यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई करने के लिए उपयुक्त नही है। अत्यधिक विरोध के चलते वायसराय ने इसे वापस ले लिया।

Explanations:

वायसराय लार्ड रिपन की काउसिल के विधि सदस्य साीपी इल्बर्ट ने 1833 मे एक विधेयक पेश किया, जिसे ‘इल्बर्ट बिल’ कहा जाता है। इस विधेयक में भारतीय न्यायाधीशो को यूरोपीय मुकदमों को सुनने का अधिकार दिया गया। भारत में रहने वाले अंगे्रजो ने इस बिल का विरोध किया कि न्यायालय का कोई भी भारतीय सदस्य यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई करने के लिए उपयुक्त नही है। अत्यधिक विरोध के चलते वायसराय ने इसे वापस ले लिया।