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Q: सामुदायिक विकास योजना का आरम्भ किया गया
  • A. 9 मई, 1958
  • B. 8 जून, 1971
  • C. 2 अक्टूबर, 1952
  • D. 15 जनवरी, 1960
Correct Answer: Option C - सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के चतुर्दिक विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सहभाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है। इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सर्वप्रथम सन् 1948 में उत्तर प्रदेश के इटावा तथा गोरखपुर जिलों में एक प्रायोगिक योजना क्रियान्वित की गयी। ग्रामीण विकास की इस योजना का नाम ‘सामुदायिक विकास योजना’ रखा गया तथा 1952 में ही महात्मा गाँधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर से 55 विकास खण्डों की स्थापना करके इस योजना पर कार्य आरम्भ कर दिया गया। अत: विकल्प (c) सही है।
C. सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के चतुर्दिक विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सहभाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है। इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सर्वप्रथम सन् 1948 में उत्तर प्रदेश के इटावा तथा गोरखपुर जिलों में एक प्रायोगिक योजना क्रियान्वित की गयी। ग्रामीण विकास की इस योजना का नाम ‘सामुदायिक विकास योजना’ रखा गया तथा 1952 में ही महात्मा गाँधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर से 55 विकास खण्डों की स्थापना करके इस योजना पर कार्य आरम्भ कर दिया गया। अत: विकल्प (c) सही है।

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सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के चतुर्दिक विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सहभाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है। इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सर्वप्रथम सन् 1948 में उत्तर प्रदेश के इटावा तथा गोरखपुर जिलों में एक प्रायोगिक योजना क्रियान्वित की गयी। ग्रामीण विकास की इस योजना का नाम ‘सामुदायिक विकास योजना’ रखा गया तथा 1952 में ही महात्मा गाँधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर से 55 विकास खण्डों की स्थापना करके इस योजना पर कार्य आरम्भ कर दिया गया। अत: विकल्प (c) सही है।