Correct Answer:
Option B - लार में टायलिन एन्जाइम पायी जाती है। जो पके हुये स्टार्च (पाली सैकराइडस) को ओलिगोसैकेराइड्स में बदल देता है।
पेप्सिन–यह भोजन के प्रोटीन को पेप्टोन तथा पॉलीपेप्टाइड में बदल देते हैं।
रेनिन–यह दूध की विलेय (केसीन) को ठोस एवं अविलेय दही में बदल देता है।
ट्रिप्सिन एवं काइमोट्रिप्सिन–यह काइम की शेष प्रोटीन तथा पेप्टोन को विलेय अमीनो अम्ल में बदल देता है।
B. लार में टायलिन एन्जाइम पायी जाती है। जो पके हुये स्टार्च (पाली सैकराइडस) को ओलिगोसैकेराइड्स में बदल देता है।
पेप्सिन–यह भोजन के प्रोटीन को पेप्टोन तथा पॉलीपेप्टाइड में बदल देते हैं।
रेनिन–यह दूध की विलेय (केसीन) को ठोस एवं अविलेय दही में बदल देता है।
ट्रिप्सिन एवं काइमोट्रिप्सिन–यह काइम की शेष प्रोटीन तथा पेप्टोन को विलेय अमीनो अम्ल में बदल देता है।