Explanations:
उत्तराखण्ड में ‘चैती गाथाएं’ मायके के प्रति प्रेम, सदेई (भाई-बहन का पवित्र प्रेम) तथा फ्यूली से सम्बन्धित हैं। चैती, उपशास्त्रीय गीत विधाओं पर आधारित लोक गीत है। गढ़वाल में इसके अन्तर्गत उपशास्त्रीय बंदिशें गायी जाती हैं। बारह मास में चैत का महीना, गीत संगीत के मास के रूप में चित्रित किया जाता है।