Correct Answer:
Option B - साल 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार सुसुमु किटागावा (क्योटो यूनिवर्सिटी, जापान), रिचर्ड रॉब्सन (यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया) और ओमर एम. यागी (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले, यूएसए) को मेटल–ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) के विकास में उनके अग्रणी योगदान के लिए दिया गया है। MOFs का विकास रासायनिक संरचनाओं और गैस संग्रहण, पृथक्करण तथा कैटालिसिस जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है।
B. साल 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार सुसुमु किटागावा (क्योटो यूनिवर्सिटी, जापान), रिचर्ड रॉब्सन (यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया) और ओमर एम. यागी (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले, यूएसए) को मेटल–ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) के विकास में उनके अग्रणी योगदान के लिए दिया गया है। MOFs का विकास रासायनिक संरचनाओं और गैस संग्रहण, पृथक्करण तथा कैटालिसिस जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है।