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Q: स्काउिंरग का प्रयोग होता है
  • A. ऊन में
  • B. रेशम में
  • C. रेयॉन में
  • D. नायलॉन में
Correct Answer: Option A - स्काउरिंग (Scouring) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसका उपयोग ऊन (Wool) से प्राकृतिक अशुद्धियाँ जैसे ग्रीस, पसीने के लवण, घूल और अन्य जैविक पदार्थों को हटाने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया ऊन को आगे की डाइंग और फिनिशिंग प्रक्रियाओं के लिए तैयार करती है। ऊन की धुलाई के लिए निम्नलिखित तीन विधियों का प्रयोग किया जाता है - (1) साबुन का घोल (Scouring with soap solution) (2) वाष्पित घोलक (Scouring by Volatile Solvent) (3) कार्बाेनाइजिंग (Corbonizing) अर्थात विकल्प (a) सही है।
A. स्काउरिंग (Scouring) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसका उपयोग ऊन (Wool) से प्राकृतिक अशुद्धियाँ जैसे ग्रीस, पसीने के लवण, घूल और अन्य जैविक पदार्थों को हटाने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया ऊन को आगे की डाइंग और फिनिशिंग प्रक्रियाओं के लिए तैयार करती है। ऊन की धुलाई के लिए निम्नलिखित तीन विधियों का प्रयोग किया जाता है - (1) साबुन का घोल (Scouring with soap solution) (2) वाष्पित घोलक (Scouring by Volatile Solvent) (3) कार्बाेनाइजिंग (Corbonizing) अर्थात विकल्प (a) सही है।

Explanations:

स्काउरिंग (Scouring) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसका उपयोग ऊन (Wool) से प्राकृतिक अशुद्धियाँ जैसे ग्रीस, पसीने के लवण, घूल और अन्य जैविक पदार्थों को हटाने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया ऊन को आगे की डाइंग और फिनिशिंग प्रक्रियाओं के लिए तैयार करती है। ऊन की धुलाई के लिए निम्नलिखित तीन विधियों का प्रयोग किया जाता है - (1) साबुन का घोल (Scouring with soap solution) (2) वाष्पित घोलक (Scouring by Volatile Solvent) (3) कार्बाेनाइजिंग (Corbonizing) अर्थात विकल्प (a) सही है।