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Q: साहित्यदर्पणानुसारं लक्षणाया: कियन्तो भेदा:?
  • A. षट्
  • B. षोडश
  • C. चत्वािंरशत्
  • D. अशीति
Correct Answer: Option D - साहित्यदर्पणानुसारं लक्षणाया: अशीति भेदा:। साहित्यदर्पणकार आचार्य विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण के द्वितीय परिच्छेद में लक्षणा के 80 भेद बतलाएं हैं। साहित्य दर्पणकार लक्षणा को शब्द की आरोपिता वृत्ति मानते हैं। उनके अनुसार मुख्यार्थ के बाधित होने पर रुढि़ अथवा प्रयोजन के बल पर जिस शब्द शक्ति के द्वारा मुख्यार्थ से संयुक्त अर्थ की प्रतीति होती है, वही लक्षणा है। यह आरोपित शब्द शक्ति होती है।
D. साहित्यदर्पणानुसारं लक्षणाया: अशीति भेदा:। साहित्यदर्पणकार आचार्य विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण के द्वितीय परिच्छेद में लक्षणा के 80 भेद बतलाएं हैं। साहित्य दर्पणकार लक्षणा को शब्द की आरोपिता वृत्ति मानते हैं। उनके अनुसार मुख्यार्थ के बाधित होने पर रुढि़ अथवा प्रयोजन के बल पर जिस शब्द शक्ति के द्वारा मुख्यार्थ से संयुक्त अर्थ की प्रतीति होती है, वही लक्षणा है। यह आरोपित शब्द शक्ति होती है।

Explanations:

साहित्यदर्पणानुसारं लक्षणाया: अशीति भेदा:। साहित्यदर्पणकार आचार्य विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण के द्वितीय परिच्छेद में लक्षणा के 80 भेद बतलाएं हैं। साहित्य दर्पणकार लक्षणा को शब्द की आरोपिता वृत्ति मानते हैं। उनके अनुसार मुख्यार्थ के बाधित होने पर रुढि़ अथवा प्रयोजन के बल पर जिस शब्द शक्ति के द्वारा मुख्यार्थ से संयुक्त अर्थ की प्रतीति होती है, वही लक्षणा है। यह आरोपित शब्द शक्ति होती है।