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Q: सूचना का स्वतंत्रता अधिनियम बना
  • A. वर्ष 2001 मेें
  • B. वर्ष 2002 में
  • C. वर्ष 2003 में
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002 में पारित किया गया। इसने आगे चलकर वर्ष 2005 में सूचना के अधिकार अधिनियम का रूप ले लिया। महत्वपूर्ण तथ्य:- सूचना के अधिकार से संबंधित पहला कानून वर्ष 1766 में स्वीडन द्वारा लागू किया गया था, इसके बात वर्ष 1966 में अमेरिका ने भी इस संबंध में एक कानून अपना लिया, वर्ष 1990 आते-आते सूचना के अधिकार से संबंधी कानून लागू करने वाले देशों की संख्या बढ़कर 13 हो गई थी। सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकता है, यह सूचना 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाने की व्यवस्था की गई है। यदि मांगी गई सूचना जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है तो ऐसी सूचना को 48 घंटे के भीतर ही उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
B. सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002 में पारित किया गया। इसने आगे चलकर वर्ष 2005 में सूचना के अधिकार अधिनियम का रूप ले लिया। महत्वपूर्ण तथ्य:- सूचना के अधिकार से संबंधित पहला कानून वर्ष 1766 में स्वीडन द्वारा लागू किया गया था, इसके बात वर्ष 1966 में अमेरिका ने भी इस संबंध में एक कानून अपना लिया, वर्ष 1990 आते-आते सूचना के अधिकार से संबंधी कानून लागू करने वाले देशों की संख्या बढ़कर 13 हो गई थी। सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकता है, यह सूचना 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाने की व्यवस्था की गई है। यदि मांगी गई सूचना जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है तो ऐसी सूचना को 48 घंटे के भीतर ही उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

Explanations:

सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002 में पारित किया गया। इसने आगे चलकर वर्ष 2005 में सूचना के अधिकार अधिनियम का रूप ले लिया। महत्वपूर्ण तथ्य:- सूचना के अधिकार से संबंधित पहला कानून वर्ष 1766 में स्वीडन द्वारा लागू किया गया था, इसके बात वर्ष 1966 में अमेरिका ने भी इस संबंध में एक कानून अपना लिया, वर्ष 1990 आते-आते सूचना के अधिकार से संबंधी कानून लागू करने वाले देशों की संख्या बढ़कर 13 हो गई थी। सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकता है, यह सूचना 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाने की व्यवस्था की गई है। यदि मांगी गई सूचना जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है तो ऐसी सूचना को 48 घंटे के भीतर ही उपलब्ध कराने का प्रावधान है।