Correct Answer:
Option A - उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार, सच्चाई को स्वत: साध्य मूल्य कहा जाता है यह अपने आप में ही मूल्यपूर्ण है इसका प्रयोग साधन की भाँति नहीं किया जाता अपितु यह स्वत: साध्य है।
A. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार, सच्चाई को स्वत: साध्य मूल्य कहा जाता है यह अपने आप में ही मूल्यपूर्ण है इसका प्रयोग साधन की भाँति नहीं किया जाता अपितु यह स्वत: साध्य है।