निर्देश–प्रश्न 84-89 पर्यन्तं प्रश्ना: प्रस्तुतगद्यांशमाधारीकृत्य समाधेया:– अस्ति मगधदेशे चम्पकवती नामारण्यानी। तस्यां चिरान्महता स्नेहेन मृगकाकौ निवसत:। स च मृग: स्वेच्छया भ्राम्यन्हृष्टपुष्टाङ्ग: केनचिच्छृगालेनावलोेकित:। तं दृष्ट्वा शृगालोऽचिन्तयत् – ``आ:, कथमेतन्मांसं सुललितं भक्षयामि? भवतु, विश्वासं तावदुत्पादयामि।'' इत्यालोच्योपसृत्याब्रवीत्– ``मित्र! कुशलं ते?'' मृगेणोक्तम् – ``कस्त्वम्?'' स ब्रूते– ``क्षुद्रबुद्धिनामा जम्बूकोऽहम् अत्रारण्ये बन्धुहीनो मृतवन्निवसामि। इदानीं त्वां मित्रमासाद्य पुन: सबन्धुर्जीवलोकं प्रविष्टोऽस्मि। अधुना तवानुचरेण मया सर्वथा भवितव्यम्।'' मृगेणोक्तम् – ``एवमस्तु।'' तत: पश्चादस्तं गते सवितरि भगवति मरीचिमालिनि तौ मृगस्य वासभूमिं गतौ। तत्र चम्पकवृक्षशाखायां सुबुद्धिनामा काको मृगस्य चिरमित्रं निवसति। तौ दृष्ट्वा काकोऽवदत्–``सखे चित्राङ्ग! कोऽयं द्वितीय:?'' मृगो ब्रूते – ``जम्बूकोऽयम्, अस्मत्सख्यमिच्छन्नागत:।'' काको ब्रूते– मित्र! अकस्मादागन्तुना सह मैत्री न युक्ता:। चम्पकवती नामारण्यानी अस्ति
नेशनल मेटलर्जिस्ट अवॉर्ड से किसे सम्मानित किया गया है?
अजय को दो विषयों, गणित और विज्ञान की परीक्षा में 9 :13 के अनुपात में अंक प्राप्त हुए हैं। यदि उसे विज्ञान में गणित से 16 अंक अधिक प्राप्त हुए थे, तो गणित में उसे कितने अंक प्राप्त हुए?
दिए गए संबंधित संख्याओं के जोड़ों के आधार पर अनुपस्थित संख्या चुनें। 1990 : 1394 :: ........... : 2017
निर्देश (61-69): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। गाँवों और शहरों में रहते हुए मनुष्य अपने ग्रह के मूल स्वरूप को प्राय: भूल बैठा है। इसका सही अंदाज तभी लग सकता है जब वह किसी लंबी समुद्री यात्रा पर निकल जाए। चारों ओर पानी ही पानी, पानी का अनंत विस्तार। तब पहली बार उसके सामने यह तथ्य उजागर होता है कि उसकी दुनिया पानी की दुनिया है। वह एक ऐसे ग्रह पर निवास करता है, जिस पर पानी का आधिपत्य है। समुद्र ही अपने पानी को साफ करके, उसका खारापन दूर करके हमें भेजता है। अगर वह पानी भेजना बंद कर दे तो जीवन समाप्त हो जाएगा। वह आज भी हमारा पालन-पोषण कर रहा है। ऐसा नहीं है कि समुद्र (मंथन) से एक ही बार अमृत निकला था। अमृत हर बर निकलता है और वर्षा के रूप में पूरी धरती पर बरसता है। सूर्य की गरमी से तपकर समुद्र का पानी भाप बनता है। निराकार भाप ऊपर जाकर साकार बादल में ढल जाता है। इन बादलों को मानसून की हवाएँ बहुत दूर की जगहों तक ले जाती हैं। जब ऊँचे पहाड़ों या घने जंगलों तक मानसून पहुँचता है तो वहाँ की ठंडक पाकर ठहर जाता है। पहाड़ और वन मानो कहते हैं कि अब से तुम्हारी बाट जोह रहे हैं। पानी बनकर तप्त धरा को तृप्त करो। नवजीवन का संचार करो। मनुष्य की दुनिया पानी की दुनिया है। ऐसा क्यों कहा गया है?
अटल पेंशन योजना में प्रवेश के लिए आयु सीमा क्या है?
नई दिल्ली-चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस गाड़ी की निम्नलिखित रेलवे समय सारिणी को पढि़ए और प्रश्न का उत्तर दीजिए– स्टेशन आगमन प्रस्थान नई दिल्ली 15:55 भोपाल 23:55 00.05 नागपुर 05:25 05:35 विजयवाड़ा 14:15 14:30 चेन्नई 20:45 समाप्ति निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
Which of the following is NOT a property of Lime?
.
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.