Correct Answer:
Option D - इन्द्र का उल्लेख ऋग्वेद में 250 बार हुआ है। अर्थात संहिता के लगभग एक चाथाई भाग में अकेले इन्द्र का उल्लेख है। इन्द्र ऋग्वैदिक आर्यों का सबसे प्रधान देवता हैं इसे पुरन्दर अर्थात किलों को तोड़ने वाला व युद्ध के नेता के रूप में चित्रित किया गया है तथा प्रकृतिगत रूप में वर्षा का देवता माना गया है।
D. इन्द्र का उल्लेख ऋग्वेद में 250 बार हुआ है। अर्थात संहिता के लगभग एक चाथाई भाग में अकेले इन्द्र का उल्लेख है। इन्द्र ऋग्वैदिक आर्यों का सबसे प्रधान देवता हैं इसे पुरन्दर अर्थात किलों को तोड़ने वाला व युद्ध के नेता के रूप में चित्रित किया गया है तथा प्रकृतिगत रूप में वर्षा का देवता माना गया है।