Correct Answer:
Option A - रामचंद्र शुक्ल, रामशंकर शुक्ल, ‘रसाल’ तथा हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि प्राय: सभी ने घाघ को लोककवि की संज्ञा दी है।
नोट-हिन्दी साहित्य के इतिहास में घाघ के सम्बन्ध में थोड़ा बहुत उल्लेख शिवसिंह सेंगर ने अपने इतिहास ग्रंथ ‘शिवसिंह सरोज’ में तथा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘हिन्दी शब्द सागर’ में इनका उल्लेख किया है।
A. रामचंद्र शुक्ल, रामशंकर शुक्ल, ‘रसाल’ तथा हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि प्राय: सभी ने घाघ को लोककवि की संज्ञा दी है।
नोट-हिन्दी साहित्य के इतिहास में घाघ के सम्बन्ध में थोड़ा बहुत उल्लेख शिवसिंह सेंगर ने अपने इतिहास ग्रंथ ‘शिवसिंह सरोज’ में तथा आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘हिन्दी शब्द सागर’ में इनका उल्लेख किया है।