Correct Answer:
Option E - रामचन्द्र शुक्ल के ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ में दर्ज अष्टछाप के चार आरम्भिक कवियों का सही अनुक्रम में दिये गये विकल्प असंगत हैं।
• गोस्वामी विट्ठलनाथ ने सन् 1565 ई. चार बल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों की मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की।
अष्टछाप के आठ कवि:- कुंभनदास, सूरदास, परमानंददास, कृष्ण दास, छीत स्वामी, गोविन्द स्वामी चतुर्भुज दास और नंददास हैं।
• रामचन्द्र शुक्ल के ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ में दर्ज अष्टछाप के चार आरम्भिक कवि :- सूरदास, कुंभनदास, परमानंददास, कृष्ण दास।
E. रामचन्द्र शुक्ल के ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ में दर्ज अष्टछाप के चार आरम्भिक कवियों का सही अनुक्रम में दिये गये विकल्प असंगत हैं।
• गोस्वामी विट्ठलनाथ ने सन् 1565 ई. चार बल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों की मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की।
अष्टछाप के आठ कवि:- कुंभनदास, सूरदास, परमानंददास, कृष्ण दास, छीत स्वामी, गोविन्द स्वामी चतुर्भुज दास और नंददास हैं।
• रामचन्द्र शुक्ल के ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ में दर्ज अष्टछाप के चार आरम्भिक कवि :- सूरदास, कुंभनदास, परमानंददास, कृष्ण दास।