Explanations:
रामचरितमानस की भाषा अवधी है। ⇒ रामचन्द्र शुक्ल ने ‘रामचरितमानस’ को ‘लोकमंगल की साधनावस्था’ का काव्य माना है। ⇒ रामचरितमानस की रचना तुलसी ने संवत् 1631 में चैत्र शुक्ल रामनवमी (मंगलवार) को आरम्भ की थी। रामचरित मानस की अधिकांश रचना अयोध्या में हुई थी, कुछ अंश विशेषत:किष्किंधाकांड काशी में रचा गया। यह ग्रंथ 2 वर्ष 7 महीना व 26 दिन में पूर्ण हुआ था। ⇒ रामचरितमानस में 1074 दोहा है। ⇒ मानस के सात काण्डों का विवरण इस प्रकार है- 1. बालकाण्ड 2. अयोध्याकाण्ड 3. अरण्यकाण्ड 4. किष्किंधाकाण्ड 5. सुन्दरकाण्ड 6. लंकाकांड 7. उत्तरकाण्ड। ⇒ अयोध्या काण्ड को रामचरितमानस का ‘हृदय स्थल कहाँ जाता है। इस काण्ड की ‘चित्रकूट सभा’ को शुक्ल जी ने ‘एक आध्यात्मिक घटना’ की संज्ञा प्रदान की। ⇒ रामचरितमानस की रचना गोस्वामी जी ने स्वान्त: सुखाय के साथ-साथ लोकहित एवं लोकमंगल के लिए किया है। ⇒ तुलसी ने रामचरितमानस की कल्पना ‘मानसरोवर’ के रूप में की है। ⇒ ‘मानस रूपक’ तुलसी साहित्य का सबसे बड़ा रूपक है। ⇒ रामचरितमानस पर सर्वाधिक प्रभाव ‘अध्यात्म रामायण’ का पड़ा है। ⇒ तुलसीदास ने सर्वप्रथम ‘मानस’ को रसखान को सुनाया था। ⇒ ‘रामचरितमानस’ की प्रथम टीका अयोध्या के बाबा रामचरणदास ने लिखी थी।