Correct Answer:
Option B - ‘चीफ की दावत’ कहानी में शामनाथ की पत्नी के संवाद निम्नलिखित हैं-
● इन्हें पिछवाड़े इनकी सहेली के घर भेज दो, रात भर बेशक वहीं रहें कल आ जाएँ।
● जो वह सो गयी और नींद में खर्राटें लेने लगी तो? साथ ही बरामदा है जहाँ लोग खाना खाएंगे।
● ‘चीफ की दावत’ भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी है जो ‘पहला पाठ’ कहानी संग्रह में संकलित है। यह कहानी 1956 ई. में प्रकाशित हुई थी। कहानी में मध्यवर्गीय जीवन के अंतर्विरोधों, विसंगतियों और अमानवीयता को उजागर किया गया है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी के संवेदनशील व्यवहार और पुरानी पीढ़ी के प्रति अनादर को दर्शाया गया है।
● कहानी के प्रमुख पात्रों में मिस्टर शामनाथ, माँ और शामनाथ की पत्नी हैं। जिसमें शामनाथ एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति है जो अपने कैरियर के लिए माँ को नजरअंदाज करता है।
● शामनाथ की पत्नी जो पति के विचारों का समर्थन करती है और माँ को अपमानित करती है।
● माँ एक भोली-भाली महिला जो अपने बेटे के लिए सब कुछ सहन करती है, लेकिन अपने बेटे के स्वार्थी व्यवहार से आहत है।
भीष्म साहनी की प्रमुख रचनाएँ-झरोखें, कडि़याँ, बसंती मय्यादास की माड़ी, कुन्तो, कबिरा खड़ा बजार में, माधवी, मुआवजे, आलमगीर इत्यादि।
B. ‘चीफ की दावत’ कहानी में शामनाथ की पत्नी के संवाद निम्नलिखित हैं-
● इन्हें पिछवाड़े इनकी सहेली के घर भेज दो, रात भर बेशक वहीं रहें कल आ जाएँ।
● जो वह सो गयी और नींद में खर्राटें लेने लगी तो? साथ ही बरामदा है जहाँ लोग खाना खाएंगे।
● ‘चीफ की दावत’ भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी है जो ‘पहला पाठ’ कहानी संग्रह में संकलित है। यह कहानी 1956 ई. में प्रकाशित हुई थी। कहानी में मध्यवर्गीय जीवन के अंतर्विरोधों, विसंगतियों और अमानवीयता को उजागर किया गया है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी के संवेदनशील व्यवहार और पुरानी पीढ़ी के प्रति अनादर को दर्शाया गया है।
● कहानी के प्रमुख पात्रों में मिस्टर शामनाथ, माँ और शामनाथ की पत्नी हैं। जिसमें शामनाथ एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति है जो अपने कैरियर के लिए माँ को नजरअंदाज करता है।
● शामनाथ की पत्नी जो पति के विचारों का समर्थन करती है और माँ को अपमानित करती है।
● माँ एक भोली-भाली महिला जो अपने बेटे के लिए सब कुछ सहन करती है, लेकिन अपने बेटे के स्वार्थी व्यवहार से आहत है।
भीष्म साहनी की प्रमुख रचनाएँ-झरोखें, कडि़याँ, बसंती मय्यादास की माड़ी, कुन्तो, कबिरा खड़ा बजार में, माधवी, मुआवजे, आलमगीर इत्यादि।