Correct Answer:
Option D - ‘‘राम से धन स्वीकार करो’’ इत्यस्य संस्कृनवाद:
‘रामात् धनं’ ‘स्वीकरोतु’ अस्ति।
जिससे कोई वस्तु अलग होती है उसे अपादान कहते हैं अपादान में पञ्चमी विभक्ति होती है अत: राम शब्द में पञ्चमी विभक्ति एकवचन ‘रामात्’ बना और कर्म में द्वितीया तथा लोट् लकार होकर किया स्वीकरोतु बना ।
D. ‘‘राम से धन स्वीकार करो’’ इत्यस्य संस्कृनवाद:
‘रामात् धनं’ ‘स्वीकरोतु’ अस्ति।
जिससे कोई वस्तु अलग होती है उसे अपादान कहते हैं अपादान में पञ्चमी विभक्ति होती है अत: राम शब्द में पञ्चमी विभक्ति एकवचन ‘रामात्’ बना और कर्म में द्वितीया तथा लोट् लकार होकर किया स्वीकरोतु बना ।