Explanations:
सहकारी कृषि के अंतर्गत किसान परस्पर संगठित होकर लाभ प्राप्ति के लिए सामूहिक रूप से खेती करते हैं। कृषक अपनी भूमि, पूँजी तथा रकम को एकत्रित करते हैं और भूमि को एक इकाई मानकर निर्वाचित प्रबंधन के निर्देशन में संयुक्त रूप में कृषि करते हैं। लाभ का विभाजन कृषक भूमि, मूल्य और श्रम के अनुपात में करता है।