Explanations:
महासचिव की नियुक्ति राज्यसभा के सभापति द्वारा की जाती है और उनकी रैंक भारत सरकार के सर्वोच्च सिविल सेवक ‘कैबिनेट सचिव’ के समतुल्य होती है। महासचिव गुमनाम रहकर कार्य करते हैं और संसदीय मामलों पर सलाह देने के लिए तत्परता से पीठासीन अधिकारियों के लिए उपलब्ध रहते हैं। महासचिव राज्यसभा सचिवालय के प्रशासनिक प्रमुख और राज्य सभा के अभिलेखों के संरक्षक भी होते हैं।