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Q: निम्नलिखित में कौन एक ग्रन्थ वैदिक कालीन रत्नियों की सूची का उल्लेख करता है?
  • A. शतपथ ब्राह्मण
  • B. ऐतरेय ब्राह्मण
  • C. अथर्ववेद
  • D. जाबालोपनिषद्
Correct Answer: Option A - शतपथ ब्राह्मण ग्रंथ में वैदिक कालीन रत्नियों की सूची का उल्लेख मिलता है। शतपथ ब्राह्मण एवं तैत्रिरीय संहिता में इस काल में प्रथम श्रेणी के अधिकारियों की कुल संख्या 12 बतायी गयी है। ये प्रथम श्रेणी के अधिकारी रत्नि कहलाते थे। रत्नियों की सूची में निम्नलिखित अधिकारियों का उल्लेख मिलता है- (1) पुरोहित या ब्राह्मण, (2) सेनानी, (3) ग्रामणी, (4) संग्रहिता, (5) क्षत्ता, (6) सूत, (7) भागदूध, (8) अक्षवाप, (9) वावाता, (10) परिवृत्ति, (11) महिषी, (12) राजन्य।
A. शतपथ ब्राह्मण ग्रंथ में वैदिक कालीन रत्नियों की सूची का उल्लेख मिलता है। शतपथ ब्राह्मण एवं तैत्रिरीय संहिता में इस काल में प्रथम श्रेणी के अधिकारियों की कुल संख्या 12 बतायी गयी है। ये प्रथम श्रेणी के अधिकारी रत्नि कहलाते थे। रत्नियों की सूची में निम्नलिखित अधिकारियों का उल्लेख मिलता है- (1) पुरोहित या ब्राह्मण, (2) सेनानी, (3) ग्रामणी, (4) संग्रहिता, (5) क्षत्ता, (6) सूत, (7) भागदूध, (8) अक्षवाप, (9) वावाता, (10) परिवृत्ति, (11) महिषी, (12) राजन्य।

Explanations:

शतपथ ब्राह्मण ग्रंथ में वैदिक कालीन रत्नियों की सूची का उल्लेख मिलता है। शतपथ ब्राह्मण एवं तैत्रिरीय संहिता में इस काल में प्रथम श्रेणी के अधिकारियों की कुल संख्या 12 बतायी गयी है। ये प्रथम श्रेणी के अधिकारी रत्नि कहलाते थे। रत्नियों की सूची में निम्नलिखित अधिकारियों का उल्लेख मिलता है- (1) पुरोहित या ब्राह्मण, (2) सेनानी, (3) ग्रामणी, (4) संग्रहिता, (5) क्षत्ता, (6) सूत, (7) भागदूध, (8) अक्षवाप, (9) वावाता, (10) परिवृत्ति, (11) महिषी, (12) राजन्य।