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Q: According to IS:456-2000 side-face reinforcement should be provided when depth of web of a beam exceeds./IS : 456-2000 के अनुसार, पार्श्व -फलक प्रबलन की व्यवस्था करनी चाहिए जब धरन की पेटी (वेब) गहराई अधिक हो
  • A. 650 mm
  • B. 700 mm
  • C. 725 mm
  • D. 750 mm
Correct Answer: Option D - जब कंक्रीट धरन में वेब की गहराई 750 मिमी से अधिक होती है तो इसकी दोनों लम्बी खड़ी फलको के साथ - साथ उचित उदग्र अन्तराल पर अतिरिक्त प्रबलन छड़ डाली जाती हैं इन छड़ों का कुल क्षेत्रफल धरन खण्ड या वैब के क्षेत्रफल का 0.1% से कम नहीं होना चाहिए। फलकोें का ऊर्ध्वाधर अन्तराल 300 मिमी अथवा धरन की चौड़ाई जो भी न्यूनतम हो रखना चाहिए।
D. जब कंक्रीट धरन में वेब की गहराई 750 मिमी से अधिक होती है तो इसकी दोनों लम्बी खड़ी फलको के साथ - साथ उचित उदग्र अन्तराल पर अतिरिक्त प्रबलन छड़ डाली जाती हैं इन छड़ों का कुल क्षेत्रफल धरन खण्ड या वैब के क्षेत्रफल का 0.1% से कम नहीं होना चाहिए। फलकोें का ऊर्ध्वाधर अन्तराल 300 मिमी अथवा धरन की चौड़ाई जो भी न्यूनतम हो रखना चाहिए।

Explanations:

जब कंक्रीट धरन में वेब की गहराई 750 मिमी से अधिक होती है तो इसकी दोनों लम्बी खड़ी फलको के साथ - साथ उचित उदग्र अन्तराल पर अतिरिक्त प्रबलन छड़ डाली जाती हैं इन छड़ों का कुल क्षेत्रफल धरन खण्ड या वैब के क्षेत्रफल का 0.1% से कम नहीं होना चाहिए। फलकोें का ऊर्ध्वाधर अन्तराल 300 मिमी अथवा धरन की चौड़ाई जो भी न्यूनतम हो रखना चाहिए।