Correct Answer:
Option D - 17वी 18वीं शताब्दी तक राजनीतिक विचारधारा में सामाजिक समझौता का सिद्धान्त अत्यन्त महत्वपूर्ण था। इस सिद्धान्त के अनुसार राज्य दैवीय न होकर मानवीय संस्था है। जिसका निर्माण प्राकृतिक अवस्था में रहने वाले मनुष्यों ने मिलकर सबके हित साधन के उद्देश्य से किया है। सामाजिक अनुबंध के अनुसार राज्य व्यक्तियों द्वारा किए गये समझौते का परिणाम है जो सब प्रकार के राजनीतिक नियन्त्रण से मुक्त थे।
D. 17वी 18वीं शताब्दी तक राजनीतिक विचारधारा में सामाजिक समझौता का सिद्धान्त अत्यन्त महत्वपूर्ण था। इस सिद्धान्त के अनुसार राज्य दैवीय न होकर मानवीय संस्था है। जिसका निर्माण प्राकृतिक अवस्था में रहने वाले मनुष्यों ने मिलकर सबके हित साधन के उद्देश्य से किया है। सामाजिक अनुबंध के अनुसार राज्य व्यक्तियों द्वारा किए गये समझौते का परिणाम है जो सब प्रकार के राजनीतिक नियन्त्रण से मुक्त थे।