search
Q: राजेश अति लोलुप पाठक हैं। वह अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ने के अतिरिक्त प्राय: पुस्तकालय जाता है और भिन्न प्रकरणों पर पुस्तकें पढ़ता है। इतना ही नहीं, राजेश भोजन-अवकाश में अपने परियोजना कार्य करता है। उसे परीक्षाओं के लिए पढ़ने के लिए अपने शिक्षकों अथवा अभिभावकों द्वारा कभी भी कहने की जरूरत नहीं है और वह वास्तव में सीखने का आनंद लेता नजर आता है। उसे ---- के रूप में सर्वाधिक बेहतर रूप से वर्णित किया जा सकता है।
  • A. आंतरिक रूप से अभिप्रेरित शिक्षार्थी
  • B. तथ्य-आधारित शिक्षार्थी
  • C. शिक्षक-अभिप्रेरित शिक्षार्थी
  • D. आकलन-आधारित शिक्षार्थी
Correct Answer: Option A - राजेश एक आन्तरिक रूप से अभिप्रेरित शिक्षार्थी है क्योंकि ऐसे छात्र सामान्यत: स्वयं ही अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ते हैं तथा अन्य प्रकरणों पर पुस्तकें भी पढ़ते है क्योंकि ऐसे छात्र जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं तथा वह ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश करते रहते हैं। अत: ऐसे छात्रों को पढ़ने तथा किसी परियोजना को पूरा करने के लिए किसी के कहने की जरूरत नहीं पड़ती है। वह स्वयं ही कर लेते हैं।
A. राजेश एक आन्तरिक रूप से अभिप्रेरित शिक्षार्थी है क्योंकि ऐसे छात्र सामान्यत: स्वयं ही अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ते हैं तथा अन्य प्रकरणों पर पुस्तकें भी पढ़ते है क्योंकि ऐसे छात्र जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं तथा वह ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश करते रहते हैं। अत: ऐसे छात्रों को पढ़ने तथा किसी परियोजना को पूरा करने के लिए किसी के कहने की जरूरत नहीं पड़ती है। वह स्वयं ही कर लेते हैं।

Explanations:

राजेश एक आन्तरिक रूप से अभिप्रेरित शिक्षार्थी है क्योंकि ऐसे छात्र सामान्यत: स्वयं ही अपने कोर्स की पुस्तकें पढ़ते हैं तथा अन्य प्रकरणों पर पुस्तकें भी पढ़ते है क्योंकि ऐसे छात्र जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं तथा वह ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश करते रहते हैं। अत: ऐसे छात्रों को पढ़ने तथा किसी परियोजना को पूरा करने के लिए किसी के कहने की जरूरत नहीं पड़ती है। वह स्वयं ही कर लेते हैं।