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Q: ‘रोहिणी’ इत्यत्र क: प्रत्यय:?
  • A. ङीप्
  • B. ङीष्
  • C. ङीन्
  • D. इनि
Correct Answer: Option A - ‘रोहिणी’ इत्यत्र ‘ङीप्’ प्रत्यय: अस्ति। अर्थात् ‘रोहिणी’ पद में ‘ङीप्’ प्रत्यय है। सूत्र-‘वर्णादनुदात्तात्तोपधात्तो न:’ वर्णवाची (रंगबोधक) जो अनुदात्तान्त तकारोपध शब्द, तदन्त अनुपसर्जन प्रातिपदिक से परे स्त्रीत्व की विवक्षा में विकल्प से ङीप् प्रत्यय तथा तकार को नकार आदेश होता है। जैसे- रोहित + ङीप् - तदन्त से ई और ‘त’ को ‘न’ रोहिनी णत्व होकर रोहिणी। अभाव में रोहित से टाप् होकर रोहिता बना। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (a) सही है। अन्य शेष विकल्पों के उदाहरण- (b) ङीष् - बह्वी (बह्वी), शकटी, पट्वी, रात्री, भवानी, रुद्राणी, शर्वाणी आदि। (c) ङीन् - शार्ङ्गरवी, बैदी, ब्राह्मणी, नारी। (d) इनि - पूर्वी, इष्टी, अधीती आदि।
A. ‘रोहिणी’ इत्यत्र ‘ङीप्’ प्रत्यय: अस्ति। अर्थात् ‘रोहिणी’ पद में ‘ङीप्’ प्रत्यय है। सूत्र-‘वर्णादनुदात्तात्तोपधात्तो न:’ वर्णवाची (रंगबोधक) जो अनुदात्तान्त तकारोपध शब्द, तदन्त अनुपसर्जन प्रातिपदिक से परे स्त्रीत्व की विवक्षा में विकल्प से ङीप् प्रत्यय तथा तकार को नकार आदेश होता है। जैसे- रोहित + ङीप् - तदन्त से ई और ‘त’ को ‘न’ रोहिनी णत्व होकर रोहिणी। अभाव में रोहित से टाप् होकर रोहिता बना। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (a) सही है। अन्य शेष विकल्पों के उदाहरण- (b) ङीष् - बह्वी (बह्वी), शकटी, पट्वी, रात्री, भवानी, रुद्राणी, शर्वाणी आदि। (c) ङीन् - शार्ङ्गरवी, बैदी, ब्राह्मणी, नारी। (d) इनि - पूर्वी, इष्टी, अधीती आदि।

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‘रोहिणी’ इत्यत्र ‘ङीप्’ प्रत्यय: अस्ति। अर्थात् ‘रोहिणी’ पद में ‘ङीप्’ प्रत्यय है। सूत्र-‘वर्णादनुदात्तात्तोपधात्तो न:’ वर्णवाची (रंगबोधक) जो अनुदात्तान्त तकारोपध शब्द, तदन्त अनुपसर्जन प्रातिपदिक से परे स्त्रीत्व की विवक्षा में विकल्प से ङीप् प्रत्यय तथा तकार को नकार आदेश होता है। जैसे- रोहित + ङीप् - तदन्त से ई और ‘त’ को ‘न’ रोहिनी णत्व होकर रोहिणी। अभाव में रोहित से टाप् होकर रोहिता बना। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (a) सही है। अन्य शेष विकल्पों के उदाहरण- (b) ङीष् - बह्वी (बह्वी), शकटी, पट्वी, रात्री, भवानी, रुद्राणी, शर्वाणी आदि। (c) ङीन् - शार्ङ्गरवी, बैदी, ब्राह्मणी, नारी। (d) इनि - पूर्वी, इष्टी, अधीती आदि।