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Q: ‘राघव चेतन’ इनमें से किस सूफी काव्य का पात्र है?
  • A. मधुमालती
  • B. मृगावती
  • C. पद्मावत
  • D. चंदायन
Correct Answer: Option C - ‘राघव चेतन’ दी गई रचनाओं में से जायसी की अमर कृति ‘पद्मावत’ का पात्र है। ‘पद्मावत’ में नागमती, पद्मावती और रत्नसेन की प्रेम कहानी में पात्रों के माध्यम से परोक्ष सत्ता के मध्य संबंध स्थापित किया गया है। अवधी भाषा में रचित पद्मावत 57 खण्डों में विभक्त है। आचार्य शुक्ल के अनुसार पद्मावत का पूर्वाद्ध ‘कल्पित’ और ‘उत्तराद्र्ध’ ऐतिहासिक है। इसके अन्य प्रमुख पात्र हैं- रत्नसेन, पद्मावती, सुवा या हीरामन तोता, नागमती, अलाउद्दीन आदि। शेष रचनाओं के रचनाकार इस प्रकार हैं- मधुमालती- मंझन, मृगावती- कुतुबन, चंदायन- मुल्ला दाऊद।
C. ‘राघव चेतन’ दी गई रचनाओं में से जायसी की अमर कृति ‘पद्मावत’ का पात्र है। ‘पद्मावत’ में नागमती, पद्मावती और रत्नसेन की प्रेम कहानी में पात्रों के माध्यम से परोक्ष सत्ता के मध्य संबंध स्थापित किया गया है। अवधी भाषा में रचित पद्मावत 57 खण्डों में विभक्त है। आचार्य शुक्ल के अनुसार पद्मावत का पूर्वाद्ध ‘कल्पित’ और ‘उत्तराद्र्ध’ ऐतिहासिक है। इसके अन्य प्रमुख पात्र हैं- रत्नसेन, पद्मावती, सुवा या हीरामन तोता, नागमती, अलाउद्दीन आदि। शेष रचनाओं के रचनाकार इस प्रकार हैं- मधुमालती- मंझन, मृगावती- कुतुबन, चंदायन- मुल्ला दाऊद।

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‘राघव चेतन’ दी गई रचनाओं में से जायसी की अमर कृति ‘पद्मावत’ का पात्र है। ‘पद्मावत’ में नागमती, पद्मावती और रत्नसेन की प्रेम कहानी में पात्रों के माध्यम से परोक्ष सत्ता के मध्य संबंध स्थापित किया गया है। अवधी भाषा में रचित पद्मावत 57 खण्डों में विभक्त है। आचार्य शुक्ल के अनुसार पद्मावत का पूर्वाद्ध ‘कल्पित’ और ‘उत्तराद्र्ध’ ऐतिहासिक है। इसके अन्य प्रमुख पात्र हैं- रत्नसेन, पद्मावती, सुवा या हीरामन तोता, नागमती, अलाउद्दीन आदि। शेष रचनाओं के रचनाकार इस प्रकार हैं- मधुमालती- मंझन, मृगावती- कुतुबन, चंदायन- मुल्ला दाऊद।