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Q: Price discrimination is possible only when कीमत-विभेद केवल तभी सम्भव है जब
  • A. Seller is alone / विक्रेता अकेला है
  • B. Goods are homogenous / वस्तुएँ समरूप हैं
  • C. Market is controlled by the Government / बाजार सरकार के द्वारा नियन्त्रित है
  • D. None of these / इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - कीमत– विभेद केवल तभी संभव है, जब विक्रेता अकेला है अर्थात् एकाधिकार की स्थिति। • एक ही नियंत्रण के अन्तर्गत उत्पादित एक ही वस्तु को विभिन्न क्रेताओं को अलग-अलग कीमतों पर बेचने की क्रिया कीमत विभेद कहलाती है। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– 1. बाजारों का पृथक एवं दूर होना। 2. विभिन्न बाजारों में मांग की लोच में भिन्नता
A. कीमत– विभेद केवल तभी संभव है, जब विक्रेता अकेला है अर्थात् एकाधिकार की स्थिति। • एक ही नियंत्रण के अन्तर्गत उत्पादित एक ही वस्तु को विभिन्न क्रेताओं को अलग-अलग कीमतों पर बेचने की क्रिया कीमत विभेद कहलाती है। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– 1. बाजारों का पृथक एवं दूर होना। 2. विभिन्न बाजारों में मांग की लोच में भिन्नता

Explanations:

कीमत– विभेद केवल तभी संभव है, जब विक्रेता अकेला है अर्थात् एकाधिकार की स्थिति। • एक ही नियंत्रण के अन्तर्गत उत्पादित एक ही वस्तु को विभिन्न क्रेताओं को अलग-अलग कीमतों पर बेचने की क्रिया कीमत विभेद कहलाती है। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– 1. बाजारों का पृथक एवं दूर होना। 2. विभिन्न बाजारों में मांग की लोच में भिन्नता