Correct Answer:
Option B - ‘पैलेट’ का प्रयोग चित्रकला में ‘पेंटिंग’ के लिये किया जाता है। रंगों को महोगनी की लकड़ी अथवा काँच या चीनी मिट्टी की एक प्लेट पर छूरी से मिलाया जाता है। इन प्लेटों और छूरियों के विभिन्न नमूने होते हैं। प्राचीन काल में रंग सीपियों या प्यालों में रखे जाते थे।
• प्रागैतिहासिक काल में तुलिका किसी रेशेदार लकड़ी बाँस या नरकुल आदि को एक सिरे से कूटकर बनायी जाती थी।
• और पशुओं के पुट्ठे की हड्डी की प्याली का प्रयोग रंग घोलने के लिये काम में लायी जाती थी।
B. ‘पैलेट’ का प्रयोग चित्रकला में ‘पेंटिंग’ के लिये किया जाता है। रंगों को महोगनी की लकड़ी अथवा काँच या चीनी मिट्टी की एक प्लेट पर छूरी से मिलाया जाता है। इन प्लेटों और छूरियों के विभिन्न नमूने होते हैं। प्राचीन काल में रंग सीपियों या प्यालों में रखे जाते थे।
• प्रागैतिहासिक काल में तुलिका किसी रेशेदार लकड़ी बाँस या नरकुल आदि को एक सिरे से कूटकर बनायी जाती थी।
• और पशुओं के पुट्ठे की हड्डी की प्याली का प्रयोग रंग घोलने के लिये काम में लायी जाती थी।