Correct Answer:
Option B - सन्तोषजनक बढ़ोत्तरी के लिए पौधों की जड़े नमी के अतिरिक्त वायु का भी उचित आवागमन मांगती हैं। जल लग्नता की अवस्था में मृदा संतृप्त हो जाती है जिससे हवा का संचार रुक जाता है और नाइट्रीकरण के अभाव में पौधा मुरझा जाता है। अत: जल लग्नता के कारण मृदा अनुत्पादक व अनुपयुक्त हो जाती है।
B. सन्तोषजनक बढ़ोत्तरी के लिए पौधों की जड़े नमी के अतिरिक्त वायु का भी उचित आवागमन मांगती हैं। जल लग्नता की अवस्था में मृदा संतृप्त हो जाती है जिससे हवा का संचार रुक जाता है और नाइट्रीकरण के अभाव में पौधा मुरझा जाता है। अत: जल लग्नता के कारण मृदा अनुत्पादक व अनुपयुक्त हो जाती है।