Correct Answer:
Option D - परिचर्म (periderm) कॉर्क, कॉर्क कैम्बियम और द्वितीयक कार्टेक्स से मिलकर बने होते है। द्वितीयक वृद्धि में द्वितीयक जाइलम व द्वितीयक फ्लोएम के बनने से तना मोटाई में बढ़ता है। इन नये ऊतकों के बनने से परिधि के ऊतकों पर दबाव पड़ता है। जिसके फलस्वरूप (epidermis) वाह्य त्वचा कही-2 पर कट जाती है। परिधि के ऊतको की रक्षा हेतु पेरीडर्म का निर्माण होता है। कार्टेक्स या अन्य ऊतक की पेरेनकाइमा की कोशिकाओं में विभाजन की क्षमता आ जाता है जिससे कार्क कैम्बियम या फेलोजन (phellogen) बनता है। कार्क कैम्बियम से पेरीडर्म बनती है। पेरीडर्म कार्क, कार्क कैम्बियम तथा द्वितीयक कार्टेकस होती है।
D. परिचर्म (periderm) कॉर्क, कॉर्क कैम्बियम और द्वितीयक कार्टेक्स से मिलकर बने होते है। द्वितीयक वृद्धि में द्वितीयक जाइलम व द्वितीयक फ्लोएम के बनने से तना मोटाई में बढ़ता है। इन नये ऊतकों के बनने से परिधि के ऊतकों पर दबाव पड़ता है। जिसके फलस्वरूप (epidermis) वाह्य त्वचा कही-2 पर कट जाती है। परिधि के ऊतको की रक्षा हेतु पेरीडर्म का निर्माण होता है। कार्टेक्स या अन्य ऊतक की पेरेनकाइमा की कोशिकाओं में विभाजन की क्षमता आ जाता है जिससे कार्क कैम्बियम या फेलोजन (phellogen) बनता है। कार्क कैम्बियम से पेरीडर्म बनती है। पेरीडर्म कार्क, कार्क कैम्बियम तथा द्वितीयक कार्टेकस होती है।