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Q: पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अनुसार संवेदी-क्रियात्मक अवस्था होती है
  • A. जन्म से 2 वर्ष
  • B. 2 से 7 वर्ष
  • C. 7 से 11 वर्ष
  • D. 11 से 16 वर्ष
Correct Answer: Option A - जीन पियाजे के द्वारा संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाए होती है- 1. संवेदी गामक अवस्था (संवेदीक्रियात्मक अवस्था) (0-2) वर्ष 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7) वर्ष 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11) वर्ष 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था-11 वर्ष के बाद
A. जीन पियाजे के द्वारा संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाए होती है- 1. संवेदी गामक अवस्था (संवेदीक्रियात्मक अवस्था) (0-2) वर्ष 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7) वर्ष 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11) वर्ष 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था-11 वर्ष के बाद

Explanations:

जीन पियाजे के द्वारा संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाए होती है- 1. संवेदी गामक अवस्था (संवेदीक्रियात्मक अवस्था) (0-2) वर्ष 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7) वर्ष 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11) वर्ष 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था-11 वर्ष के बाद