Correct Answer:
Option A - जीन पियाजे के द्वारा संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाए होती है-
1. संवेदी गामक अवस्था (संवेदीक्रियात्मक अवस्था) (0-2) वर्ष
2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7) वर्ष
3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11) वर्ष
4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था-11 वर्ष के बाद
A. जीन पियाजे के द्वारा संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाए होती है-
1. संवेदी गामक अवस्था (संवेदीक्रियात्मक अवस्था) (0-2) वर्ष
2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7) वर्ष
3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11) वर्ष
4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था-11 वर्ष के बाद