Correct Answer:
Option D - पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की संक्रियात्मक अवस्था बालक की 11–15 वर्ष की आयु तक मानी जाती है। इस अवस्था के दौरान बालक अमूर्त बातों के सम्बन्ध में तार्किक चिन्तन करने की योग्यता विकसित करता है।
D. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की संक्रियात्मक अवस्था बालक की 11–15 वर्ष की आयु तक मानी जाती है। इस अवस्था के दौरान बालक अमूर्त बातों के सम्बन्ध में तार्किक चिन्तन करने की योग्यता विकसित करता है।