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Q: पृथ्वी पर ऋतुएँ बदलने के संबंध में निम्न दो कथनों पर विचार कीजिए। A. पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसकी कक्षा के समतल के सापेक्ष झुका हुआ है। B. पृथ्वी के परिक्रमण तथा पृथ्वी के अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है। सही उत्तर का चयन करें।
  • A. A सही है तथा B गलत है।
  • B. A गलत है तथा B सही है।
  • C. दोनों A तथा B सही हैं।
  • D. दोनों A तथा B गलत हैं।
Correct Answer: Option C - पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसकी कक्षा के समतल के सापेक्ष झुका हुआ है और पृथ्वी के परिक्रमण तथा पृथ्वी के अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है। अपने अक्ष पर झुकी हुई पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करती है तो एक ही स्थान पर अलग-अलग समय में सूर्य की किरणों का झुकाव अलग-अलग होता है। भिन्न-भिन्न झुकाव के कारण सूर्य की किरणों के ताप का वितरण बदलता रहता है। इसी वितरण के कारण समय के साथ उस स्थान पर गर्मी अथवा सर्दी की ऋतु बन जाती है।
C. पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसकी कक्षा के समतल के सापेक्ष झुका हुआ है और पृथ्वी के परिक्रमण तथा पृथ्वी के अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है। अपने अक्ष पर झुकी हुई पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करती है तो एक ही स्थान पर अलग-अलग समय में सूर्य की किरणों का झुकाव अलग-अलग होता है। भिन्न-भिन्न झुकाव के कारण सूर्य की किरणों के ताप का वितरण बदलता रहता है। इसी वितरण के कारण समय के साथ उस स्थान पर गर्मी अथवा सर्दी की ऋतु बन जाती है।

Explanations:

पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसकी कक्षा के समतल के सापेक्ष झुका हुआ है और पृथ्वी के परिक्रमण तथा पृथ्वी के अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है। अपने अक्ष पर झुकी हुई पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करती है तो एक ही स्थान पर अलग-अलग समय में सूर्य की किरणों का झुकाव अलग-अलग होता है। भिन्न-भिन्न झुकाव के कारण सूर्य की किरणों के ताप का वितरण बदलता रहता है। इसी वितरण के कारण समय के साथ उस स्थान पर गर्मी अथवा सर्दी की ऋतु बन जाती है।