Correct Answer:
Option C - सचीन्द्रनाथ सान्याल ने वर्ष 1913 में पटना में अनुशीलन समिति की एक शाखा की स्थापना की। बंग-भंग विरोधी आन्दोलन के क्रम में बंगाल में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद का प्रसार हुआ था। अनुशीलन समितियों के माध्यम से सरकार के विरुद्ध हिंसात्मक संघर्ष की प्रेरणा दी गयी। इसका प्रभाव बिहार पर भी पड़ा। ढाका अनुशीलन समिति के सदस्य रेवती नाग ने भागलपुर में और यदुनाथ सरकार ने बक्सर में युवा क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देने के भी उपाय किये। भूपेंद्र नाथ दत्त ने पटना में भवानी मंदिर नामक क्रांतिकारी संस्था की स्थापना की।
C. सचीन्द्रनाथ सान्याल ने वर्ष 1913 में पटना में अनुशीलन समिति की एक शाखा की स्थापना की। बंग-भंग विरोधी आन्दोलन के क्रम में बंगाल में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद का प्रसार हुआ था। अनुशीलन समितियों के माध्यम से सरकार के विरुद्ध हिंसात्मक संघर्ष की प्रेरणा दी गयी। इसका प्रभाव बिहार पर भी पड़ा। ढाका अनुशीलन समिति के सदस्य रेवती नाग ने भागलपुर में और यदुनाथ सरकार ने बक्सर में युवा क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देने के भी उपाय किये। भूपेंद्र नाथ दत्त ने पटना में भवानी मंदिर नामक क्रांतिकारी संस्था की स्थापना की।