Correct Answer:
Option C - स्थूलभद्र ने प्रथम जैन संगीति की अध्यक्षता की थी। जिसका आयोजन पाटलिपुत्र में किया गया था। इस सभा में जैन धर्म के 12 अंगों का संकलन किया गया किन्तु भद्रबाहु के अनुयायियों ने भाग नहीं लिया। इसी सभा में जैन धर्म का विभाजन श्वेताम्बर एवं दिगम्बर नामक दो सम्प्रदायों में हो गया। स्थूलभद्र के अनुयायी श्वेताम्बर कहलाए जबकि भद्रबाहु के अनुयायी दिगम्बर कहलाए।
C. स्थूलभद्र ने प्रथम जैन संगीति की अध्यक्षता की थी। जिसका आयोजन पाटलिपुत्र में किया गया था। इस सभा में जैन धर्म के 12 अंगों का संकलन किया गया किन्तु भद्रबाहु के अनुयायियों ने भाग नहीं लिया। इसी सभा में जैन धर्म का विभाजन श्वेताम्बर एवं दिगम्बर नामक दो सम्प्रदायों में हो गया। स्थूलभद्र के अनुयायी श्वेताम्बर कहलाए जबकि भद्रबाहु के अनुयायी दिगम्बर कहलाए।