search
Q: जिस समास में अर्थ की दृष्टि से उत्तर पद प्रधान और पूर्व पद गौण हो, उसे क्या कहते हैं?
  • A. द्वंद्व समास
  • B. तत्पुरुष समास
  • C. द्विगु समास
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - जिस समास में अर्थ की दृष्टि से उत्तर पद प्रधान और पूर्व पद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते है। जैसे- चिड़ीमार, स्वर्ग प्राप्त, बलहीन इत्यादि। द्वन्द्व समास:- जिस समास में दोनों पद प्रधान होता है, वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे- माता-पिता, गाय-बैल द्विगु समास:- वह समास जिसका पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है तथा समस्तपद किसी समूह या फिर किसी समाहार का बोध करता है तो वह द्विगु समास कहलाता है। जैसे- तिरंगा, पंचतंत्र
B. जिस समास में अर्थ की दृष्टि से उत्तर पद प्रधान और पूर्व पद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते है। जैसे- चिड़ीमार, स्वर्ग प्राप्त, बलहीन इत्यादि। द्वन्द्व समास:- जिस समास में दोनों पद प्रधान होता है, वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे- माता-पिता, गाय-बैल द्विगु समास:- वह समास जिसका पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है तथा समस्तपद किसी समूह या फिर किसी समाहार का बोध करता है तो वह द्विगु समास कहलाता है। जैसे- तिरंगा, पंचतंत्र

Explanations:

जिस समास में अर्थ की दृष्टि से उत्तर पद प्रधान और पूर्व पद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते है। जैसे- चिड़ीमार, स्वर्ग प्राप्त, बलहीन इत्यादि। द्वन्द्व समास:- जिस समास में दोनों पद प्रधान होता है, वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे- माता-पिता, गाय-बैल द्विगु समास:- वह समास जिसका पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है तथा समस्तपद किसी समूह या फिर किसी समाहार का बोध करता है तो वह द्विगु समास कहलाता है। जैसे- तिरंगा, पंचतंत्र