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Q: ‘पाश्र्वनाथ चरित’ के लेखक हैं
  • A. वीरनन्दी
  • B. धनंजय
  • C. मुनिजिनविजय
  • D. वादिराज
Correct Answer: Option D - `पाश्र्वनाथ चरित' के लेखक वादिराज हैं। इस ग्रंथ का रचनाकाल शक संवत 647 अर्थात् 1025 ई. रहा है। इस ग्रंथ में पाश्र्वनाथ के जीवन चरित्र का वर्णन है। यह द्वादश सर्गात्मक महाकाव्य है। इसका मूल स्रोत गुणभद्राचार्यकृत उत्तरपुराण है। इस ग्रंथ का प्रधान रस ‘शांत रस’ है।
D. `पाश्र्वनाथ चरित' के लेखक वादिराज हैं। इस ग्रंथ का रचनाकाल शक संवत 647 अर्थात् 1025 ई. रहा है। इस ग्रंथ में पाश्र्वनाथ के जीवन चरित्र का वर्णन है। यह द्वादश सर्गात्मक महाकाव्य है। इसका मूल स्रोत गुणभद्राचार्यकृत उत्तरपुराण है। इस ग्रंथ का प्रधान रस ‘शांत रस’ है।

Explanations:

`पाश्र्वनाथ चरित' के लेखक वादिराज हैं। इस ग्रंथ का रचनाकाल शक संवत 647 अर्थात् 1025 ई. रहा है। इस ग्रंथ में पाश्र्वनाथ के जीवन चरित्र का वर्णन है। यह द्वादश सर्गात्मक महाकाव्य है। इसका मूल स्रोत गुणभद्राचार्यकृत उत्तरपुराण है। इस ग्रंथ का प्रधान रस ‘शांत रस’ है।