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Q: काव्यशोभाया: कर्त्तारौ धर्मा: गुणा:।’ काव्यगुण के सम्बन्ध में यह कथन है :
  • A. आचार्य मम्मट का
  • B. आचार्य वामन का
  • C. आचार्य भामह का
  • D. आचार्य कुन्तक का
Correct Answer: Option B - व्याख्या : ‘काव्यशोभाया: कर्त्तारौ धर्मा: गुणा:।’ काव्यगुण के सम्बन्ध में यह कथन ‘वामन’का है। वामन ने काव्य के शोभाकारक धर्म को गुण माना है।
B. व्याख्या : ‘काव्यशोभाया: कर्त्तारौ धर्मा: गुणा:।’ काव्यगुण के सम्बन्ध में यह कथन ‘वामन’का है। वामन ने काव्य के शोभाकारक धर्म को गुण माना है।

Explanations:

व्याख्या : ‘काव्यशोभाया: कर्त्तारौ धर्मा: गुणा:।’ काव्यगुण के सम्बन्ध में यह कथन ‘वामन’का है। वामन ने काव्य के शोभाकारक धर्म को गुण माना है।