Correct Answer:
Option A - ‘पश्चिमी हिन्दी’ की उत्पत्ति शौरसेनी अपभ्रंश से हुई है।
भोलानाथ तिवारी ने क्षेत्रीय तथा सम्बद्ध अपभ्रंशों के आधार पर अपना वर्गीकरण निम्न ढंग से प्रस्तुत किया है–
अपभ्रंश आधुनिक भाषाएँ
शौरसेनी (मध्यवर्ती) – पश्चिमी हिन्दी, राजस्थानी, पहाड़ी, गुजराती।
मागधी (पूर्वीय) – बिहारी, बंगाली, उड़िया , असमिया।
अर्धमागधी (मध्य पूर्वीय) – पूर्वी हिन्दी
महाराष्ट्री (दक्षिणी) – मराठी
ब्राचड़ – सिन्धी
पैशाची (पश्चिमोत्तरी) – लँहदा, पंजाबी
A. ‘पश्चिमी हिन्दी’ की उत्पत्ति शौरसेनी अपभ्रंश से हुई है।
भोलानाथ तिवारी ने क्षेत्रीय तथा सम्बद्ध अपभ्रंशों के आधार पर अपना वर्गीकरण निम्न ढंग से प्रस्तुत किया है–
अपभ्रंश आधुनिक भाषाएँ
शौरसेनी (मध्यवर्ती) – पश्चिमी हिन्दी, राजस्थानी, पहाड़ी, गुजराती।
मागधी (पूर्वीय) – बिहारी, बंगाली, उड़िया , असमिया।
अर्धमागधी (मध्य पूर्वीय) – पूर्वी हिन्दी
महाराष्ट्री (दक्षिणी) – मराठी
ब्राचड़ – सिन्धी
पैशाची (पश्चिमोत्तरी) – लँहदा, पंजाबी