Correct Answer:
Option A - पूँजी का वह हिस्सा जिसे कम्पनी के समापन के समय मांगा जाता है, आरक्षित पूँजी कहलाता है। संचित या आरक्षित पूँजी (Reserve Capital), न मांगी हुई पूँजी (Uncalled Capital) का भाग है जिसे कम्पनी के समापन के उद्देश्य से आरक्षित किया गया है। कम्पनी अधिनियम 2016 की धारा 65 के अनुसार एक सीमित दायित्व वाली कम्पनी एक प्रस्ताव द्वारा यह निश्चित कर सकती है कि न मांगी हुई पूँजी के किसी निश्चित भाग को कम्पनी के समापन को छोड़कर किसी भी दशा में अंशधारियों से मांगा नहीं जाएगा। संचित पूंजी कम्पनी के समापन के समय लेनदारों के लिए गारन्टी है। इस संचित पूँजी को कभी साधारण पूँजी नही बनाया जा सकता है।
A. पूँजी का वह हिस्सा जिसे कम्पनी के समापन के समय मांगा जाता है, आरक्षित पूँजी कहलाता है। संचित या आरक्षित पूँजी (Reserve Capital), न मांगी हुई पूँजी (Uncalled Capital) का भाग है जिसे कम्पनी के समापन के उद्देश्य से आरक्षित किया गया है। कम्पनी अधिनियम 2016 की धारा 65 के अनुसार एक सीमित दायित्व वाली कम्पनी एक प्रस्ताव द्वारा यह निश्चित कर सकती है कि न मांगी हुई पूँजी के किसी निश्चित भाग को कम्पनी के समापन को छोड़कर किसी भी दशा में अंशधारियों से मांगा नहीं जाएगा। संचित पूंजी कम्पनी के समापन के समय लेनदारों के लिए गारन्टी है। इस संचित पूँजी को कभी साधारण पूँजी नही बनाया जा सकता है।